आँसू
बड़ी मुश्किल सेतेरा भरोसा कर केआज घर से निकला हूँसज के, सँवर के
एक अरसे सेमुलाक़ात नसीब न हुईतुम्हें देखा तो सोचाकि चलो देखते हैंथोड़ी गुफ़्तगू करके आज रूबरू हुएतो पूरा मोहल्ला हैरान हैकैसे बताऊँकिसी ने लगा रखा थाताला दर पे
बड़ी मुश्किल सेतेरा भरोसा कर केआज घर से निकला हूँसज के, सँवर के
एक अरसे सेमुलाक़ात नसीब न हुईतुम्हें देखा तो सोचाकि चलो देखते हैंथोड़ी गुफ़्तगू करके आज रूबरू हुएतो पूरा मोहल्ला हैरान हैकैसे बताऊँकिसी ने लगा रखा थाताला दर पे