daraar.

ग़ज़ल2026

चलो चलें

चलोहमराही, चल चलेंहम अपनी अपनी राह चलें शायदलौट के आना ना-मुमकिन होमान के आख़िरी मुलाक़ात चलें

न जानेआगे कैसा सफ़र होगाअपने प्रेम पे रख विश्वास चलें पूरा हुआख़ुशनुमा सफ़रअब किसी और कलाकार के साथ चलें इनदो राहों से आगे बढ़ करशायद तन्हाई कुछ दिन साथ चले