daraar.

मुक्त छंद

दिल आदतन थक हार कर फिर बैठ गयाहमें भी लग गया पता, कि इतवार तो गया ऐसे में दोस्ती के ख़ातिरमैंने भी बैठना मुनासिब समझाकुछ बात सुनी तो ये समझ आया,कि यार ये तो गया कैसी आदतें पाल रखी हैं इसनेकिसी ने मुँह क्या फेरा, वो तो यार नज़र से गया

~दरार