daraar.

मुक्त छंद2026

ख़ुद को ख़ुदसे अलग करके देखा तो समझ आयावो मुझे उस मोड़ पे, क्यों छोड़ आया? फ़ितरतें देखीं जब ख़ुद के मोहब्बत कीलाज़मी था उसका लहजा जो हमें न भाया

~दरार