मैं डूबा थाकिसी कलाकार के बुनेकल्पना सागर में मगर अचानकनज़र आयामुझे उगता सूरज
उसकी किरणेंआ गिरींमेरे कोरे बदन पर और इस तरहछूट गई थीवो दुनिया अधूरी
~दरार
मैं डूबा थाकिसी कलाकार के बुनेकल्पना सागर में मगर अचानकनज़र आयामुझे उगता सूरज
उसकी किरणेंआ गिरींमेरे कोरे बदन पर और इस तरहछूट गई थीवो दुनिया अधूरी
~दरार