daraar.

मुक्त छंद

मुझे मालूम है मेरे तूफ़ानों काहर वक़्त उठते, उफ़ानों का ऐसे में लाज़मी हैहर किसी का मुझसे किनारा कर लेनातैरती हुई कश्ती कोअपना सहारा कर लेना

मैं भी आदतन मानता हूँये सब गवारा कर लेनाआख़िर में ख़ुद को ख़ुद कासहारा कर लेना

~दरार