daraar.

मुक्त छंद2026

शायद मेरा हर पहलूएक हर्फ़ में ग़ायब हो जाएशायद मेरी आँखों मेंअब नूर कभी न दिख पाए शायद ज़िंदगी भर की थकनएक नींद में पूरी हो जाएशायद मेरा जिस्म बचेपर रूह सियाह में सिमट जाए

~दरार