daraar.

मुक्त छंद

अब आदतों की आदत लग गई है मुझेबग़ावत की आदत लग गई है मुझे मैं तो पहले भी ख़ूब घबराता था ज़माने सेफिरसे, एक दोस्ती चोट कर गई है मुझे और कितनी बार सँभाले कोई ख़ुद को आख़िरहर उम्मीद छू कर गुज़र गई है मुझे

~दरार