daraar.
मुक्त छंद
बीत गया एक ज़माना ऐसे हीतेरा मेरा खिल-खिलाना ऐसे हीनिकल पड़ी है वक़्त की कश्तीछूट गया मिलना-मिलाना ऐसे ही
~दरार
❦