daraar.

मुक्त छंद2026

किसी परवाने को मिल जाए चिराग़ये ज़रूरी तो नहींमैं सोचूँ और वो मुझे दिख जाएये ज़रूरी तो नहीं ज़ाया हो रही हैं साँसेंबिन मतलब तो क्याहर शख़्स मशहूर हो जाएये ज़रूरी तो नहीं

आ लगा हूँ अपने सिरहाने सेथका हारा मैंअब नींद आ ही जाए मुझेये ज़रूरी तो नहीं

~दरार