daraar.

मुक्त छंद2026

न शौक़ है, न कोई तबीयत हैये ज़िंदगी है, या कोई मैयत हैबुझा दिए हैं सारे चराग़ मैंनेये मैं हूँ, या मेरी फ़ितरत है

~दरार