daraar.

मुक्त छंद

तुमसे दोस्ती कीबड़ी भारी क़ीमत चुका रहा हूँ मैंन जाने कैसेये दोस्ती निभा रहा हूँ मैं मुझे डर है, मैं थक करसब कुछ छोड़ न दूँकिसी तरह सेडूबती कश्ती बचा रहा हूँ मैं

~दरार