daraar.

शेर2026

धूप की चादर में अँगड़ाई लेता ये तुम्हारा बदनमानो अपने नूर की सफ़ाई देता ये तुम्हारा बदनसुबह की चहचहाहट कोआँखों की ख़ामोशी में समेटता हुआ तुम्हारा बदन वृक्ष के लताओं सा इठलाती ये ज़ुल्फ़फ़िज़ा को ठंडक देता ये तुम्हारा बदनजैसे ज़िंदगी को देता हुआ कोई अमनतुम्हारे चेहरे की नुक्तियाँ, उफ़ तुम्हारा बदन

किसी समंदर की लहरेंकरवट लेती, मचलती, तुम्हारा बदनकिसी सहरा में छुपाकोई वन, तुम्हारा बदन

~दरार